] मकान टूटने पर सरकार से कैसे मिलेगा मुआवजा? जानिए पूरी प्रक्रिया

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मकान टूटने पर सरकार से कैसे मिलेगा मुआवजा? जानिए पूरी प्रक्रिया

 जरूरी सूचना

 बारिश के कारण जिन परिवारों के मकान क्षतिग्रस्त हो गए हैं (दीवारें गिर गईं, छत टूट गई आदि), वे सभी अपनी रिपोर्ट गांव के सरपंच / ग्राम सचिव / बीडीपीओ / पटवारी / एम.सी. के पास दर्ज करवाएं।


 रिपोर्ट के साथ 4 फोटो लगाना अनिवार्य है:


मकान की 3 फोटो (जहाँ नुकसान हुआ है)


1 फोटो मकान मालिक के साथ


 नोट:

जल्द ही नुकसान का सर्वे शुरू किया जाएगा। रिपोर्ट दर्ज करवाने वाले परिवारों को सरकारी सहायता योजना के अंतर्गत लाभ दिया जाएगा।


 

भारी बारिश से मकान क्षतिग्रस्त: सरकार करेगी सर्वे, रिपोर्ट दर्ज करवाने पर मिलेगी आर्थिक सहायता करने 

चोपटा/सिरसा।

हाल ही में हुई भारी बारिश ने सिरसा सहित आसपास के कई गांवों में तबाही मचा दी है। बारिश से सैकड़ों मकान क्षतिग्रस्त हो गए, कई घरों की छतें गिर गईं और दीवारें टूट गईं। ऐसे प्रभावित परिवारों की मदद के लिए सरकार ने विशेष सर्वे शुरू करने की तैयारी कर ली है।


📌 रिपोर्ट दर्ज करवाना अनिवार्य

प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, जिन ग्रामीणों के मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं उन्हें जल्द से जल्द अपने गांव के सरपंच, ग्राम सचिव, बीडीपीओ, पटवारी या नगरपालिका प्रतिनिधि के पास रिपोर्ट दर्ज करवानी होगी।


रिपोर्ट के साथ चार तस्वीरें लगाना अनिवार्य है –


तीन तस्वीरें मकान के उस हिस्से की जहाँ नुकसान हुआ है।


एक तस्वीर मकान मालिक के साथ।


📌 सरकारी सहायता का वादा

प्रशासन का कहना है कि सभी रिपोर्ट दर्ज होने के बाद ग्रामीण विकास विभाग व जिला प्रशासन की टीम प्रभावित क्षेत्रों का सर्वे करेगी। इस सर्वे के आधार पर सरकारी सहायता राशि दी जाएगी। मकान गिरने या गंभीर नुकसान होने की स्थिति में पीड़ित परिवारों को आर्थिक मदद दी जाएगी ताकि वे दोबारा अपने घर का निर्माण कर सकें।


📌 बारिश ने मचाई तबाही

मौसम विभाग के अनुसार पिछले हफ्ते में सिरसा और आसपास के इलाकों में सामान्य से दोगुनी वर्षा हुई है। लगातार हो रही बारिश से खेतों में जलभराव और घरों की दीवारें कमजोर हो गईं। कई ग्रामीणों ने बताया कि उनके मकान पुराने कच्चे थे, जिनकी दीवारें पानी सोखने से कमजोर होकर गिर गईं।


गांव कागदाना, कुम्हारिया, शक्कर मंदोरी, माखोसरानी, दड़बा कलां और नहरांवाली सहित कई जगहों से मकान ढहने की खबरें आई हैं। ग्रामीणों के अनुसार बरसात से सबसे ज्यादा नुकसान गरीब तबके को हुआ है, जिनके पास पक्के मकान बनाने की सुविधा नहीं थी।


📌 प्रशासन अलर्ट मोड पर

जिला प्रशासन ने दावा किया है कि किसी भी प्रभावित परिवार को बिना मदद के नहीं छोड़ा जाएगा। बी.डी.पी.ओ. और पटवारी स्तर पर टीमों को निर्देश दिए गए हैं कि वे गांव-गांव जाकर नुकसान का जायजा लें और प्रभावित परिवारों को रिपोर्ट दर्ज करवाने के लिए प्रेरित करें।


सिरसा के एक अधिकारी ने बताया –


“सरकार हर प्रभावित परिवार तक पहुंचेगी। लेकिन इसके लिए जरूरी है कि ग्रामीण खुद भी रिपोर्ट दर्ज करवाएं ताकि उनका नाम सर्वे लिस्ट में शामिल हो सके।”


📌 ग्रामीणों में उम्मीद

सरकारी सहायता योजना की घोषणा के बाद ग्रामीणों में राहत की उम्मीद जगी है। कई लोगों का कहना है कि बरसात ने उनकी जिंदगी की मेहनत को पल भर में उजाड़ दिया, ऐसे में सरकार का साथ मिलना उनके लिए बड़ी राहत साबित होगा।


📌 सोशल मीडिया व नोटिस के जरिए सूचना

ग्रामीण क्षेत्रों में यह सूचना नोटिस बोर्ड, पंचायत घोषणाओं और व्हाट्सऐप ग्रुप्स के माध्यम से तेजी से फैलाई जा रही है। प्रशासन ने साफ कहा है कि रिपोर्ट दर्ज न करवाने वाले परिवारों को सहायता राशि में शामिल करना संभव नहीं होगा।


✅ निष्कर्ष

भारी बारिश से मकान क्षतिग्रस्त होना गरीब और ग्रामीण परिवारों के लिए बड़ी चुनौती है। लेकिन सरकार और प्रशासन की ओर से किए जा रहे सर्वे और सहायता योजना से लोगों को नई उम्मीद मिली है। इसलिए जिनके घरों को नुकसान हुआ है, वे जल्द से जल्द अपने गांव स्तर के अधिकारियों से संपर्क करके रिपोर्ट दर्ज करवाएं और फोटो संलग्न करें


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