] प्राचीन बाबा रामदेव मंदिर कागदाना में हजारों श्रद्धालुओं ने नवाया शीश झांकियों ने श्रद्धालुओं का मोहा मन, हजारों लोगों ने ग्रहण किया भंडारे का प्रसाद

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प्राचीन बाबा रामदेव मंदिर कागदाना में हजारों श्रद्धालुओं ने नवाया शीश झांकियों ने श्रद्धालुओं का मोहा मन, हजारों लोगों ने ग्रहण किया भंडारे का प्रसाद



चोपटा। क्षेत्र के गांव कागदाना में स्थित 216 वर्ष पूराने प्राचीन बाबा रामदेव धाम में विशाल मेला व भंडारा धूमधाम से आयोजित किया गया। मेले में हजारों श्रद्धालुओं ने शिरकत की और शीश नवाया।



 मंदिर परिसर में ही प्रबंधन कमेटी की ओर से भंडारा लगाया गया, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। मेले में निकाली गई बाबा की भव्य झांकियां आकर्षण का केंद्र रहीं।


जानकारी देते हुए मंदिर संस्थापक लाला रतीराम मुरलीधर भोलूसरिया परिवार ने बताया कि पूर्व में यहां बाबा रामदेव का मंदिर हुआ करता था। वर्ष 1811 में उनके वंशज रात्रि को कहीं जाते वक्त यहां रूके थे और बाबा रामदेव ने स्वयं दर्शन देते हुए यहां पर भव्य मंदिर निर्माण की बात कही थी।


जिसके बाद यहां बाबा का भव्य मंदिर बनवाया गया और तभी से लगातार यहां साल में दो बार कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। 


उन्होंने बताया कि यहां प्राचीन मान्यता है कि जो भी श्रद्धालु सच्चे मन से मंदिर परिसर में आता है, बाबा उसकी मनोकामना अवश्य पूरी करते हैं। 


उन्होंने बताया कि रात्रि को बाबा का गुणगान किया गया तो सुबह पंचामृत स्नान के बाद बाबा का श्रृंगार व आरती की गई। आरती के बाद बाबा व डाली बाई को रजत जडि़त मुकट पहनाया गया। सुबह सवा नौ बजे से विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। सुबह सवा 11 बजे बाबा को 56 भोग लगाया गया। सांय को आरती के बाद बाबा को लड्डूओं की सवामणि का भोग लगाया गया।



 मंदिर में मेले व भंडारे में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए उचित व्यवस्था की गई है।  इस मौके पर रमेश कुमार, अमित कुमार, मंदिर के पुजारी व हजारों श्रद्धालु मौजूद थे।

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