उदारवाद वास्तव में राजनीतिक विचारों का ऐसा समूह है जो राजनीतिक चिंतन और राजनीतिक गतिविधि के अंतर्गत समर्थन प्राप्त किए गए है।
लॉक, मान्टेस्क्यू, टाकविले, मिल, ग्रीन, कार्ल पापर आदि चिंतकों का विचार है कि ये सभी निजी स्वतंत्रता के ठोस मूल्य पर बल देते हैं। आजादी की तुलना में स्वतंत्रता की अवधारणा बहुत ही बारीक और महीन है तथा इसका मूल्यांकन पहलू भी अत्यंत सूक्ष्म है।
आजादी और स्वतंत्रता के विश्लेषण में इस्साह बर्लिन और गणतंत्रीय सिद्धांत बहुत महत्त्वपूर्ण हैं। इस्साह बर्लिन ने अपने एक भाषण 'टू आस्पेक्ट्स ऑफ लिबर्टी' में सकारात्मक और नकारात्मक आजादी में भेद किया है।
मार्क्स की स्वतंत्रता की अवधारणा वास्तव में दुर्खाइम की स्वायत्त आत्म-नियंत्रण से मिलती जुलती है तथा इसे उपयोगितावादी दृष्टिकोण की तरह नहीं समझना चाहिए।
स्वतंत्र और बौद्धिक जितने हीगल की रचनाओं में घनिष्ठता से जुड़ें हैं उतने ही मार्क्स की रचना से भी जुड़े हैं। अतः मार्क्स और दुर्खाइम दोनों ने मानव आवश्यकताओं के अनुकूलन में ऐतिहासिक आयामों पर जोर दिया हैं। इस इकाई में आरंभिक विचारों की आजादी और स्वतंत्रता की संकल्पनाओं की चर्चा की गई है।
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