ई-लोक अदालत 18 सितंबर को, मामलों की सुनवाई के लिए बैंच गठित
चोपटा प्लस न्यूज़ विभिन्न प्रकार के मामलों की सुनवाई व उनके समाधान के लिए 18 सितंबर को ई-लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। मामलों के निपटान के लिए छह बैंचों का गठन किया गया है।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव एवं जिला एवं सत्र न्यायधीश राजेश मल्होत्रा ने बताया कि सिरसा, डबवाली व ऐलनाबाद के न्यायिक परिसरों में 18 सितंबर को आयोजित होने वाली ई-लोक अदालत के लिए बैंचों का गठन किया गया है। उन्होंने बताया कि इसके लिए ई-लोक अदालत के लिए न्यायिक परिसरों में 6 बैंच स्थापित की गई हैं जो न्यायधीशों की अध्यक्षता में मामलों की सुनवाई व उनका समाधान करेंगी। प्रत्येक बैंच के साथ सदस्य एडवोकेट भी लगाए गए हैं।
उन्होंने बताया कि सिरसा में जिला एवं सत्र न्यायधीश राजेश मल्होत्रा, अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायधीश पीके लाल, प्रिंसिपल जज जसबीर सिंह कुंडू, अतिरिक्त सिविल जज रीतू, ऐलनाबाद में अतिरिक्त सिविल जज दुष्यंत चौधरी तथा डबवाली में अतिरिक्त सिविल जज विनय शर्मा की अध्यक्षता में बैंचों का गठन किया गया है। उन्होंने बताया कि ई-लोक अदालत के दौरान गठित बैंचों द्वारा बीमा, बैंक, पारिवारिक मामलों, सिविल व आपराधिक मामलों सहित अन्य विभिन्न श्रेणियों के मामलों की सुनवाई की जाएगी तथा विवादित पक्षों की आपसी सहमति से समाधान करवाया जाएगा।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव एवं जिला एवं सत्र न्यायधीश राजेश मल्होत्रा ने बताया कि सिरसा, डबवाली व ऐलनाबाद के न्यायिक परिसरों में 18 सितंबर को आयोजित होने वाली ई-लोक अदालत के लिए बैंचों का गठन किया गया है। उन्होंने बताया कि इसके लिए ई-लोक अदालत के लिए न्यायिक परिसरों में 6 बैंच स्थापित की गई हैं जो न्यायधीशों की अध्यक्षता में मामलों की सुनवाई व उनका समाधान करेंगी। प्रत्येक बैंच के साथ सदस्य एडवोकेट भी लगाए गए हैं।
उन्होंने बताया कि सिरसा में जिला एवं सत्र न्यायधीश राजेश मल्होत्रा, अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायधीश पीके लाल, प्रिंसिपल जज जसबीर सिंह कुंडू, अतिरिक्त सिविल जज रीतू, ऐलनाबाद में अतिरिक्त सिविल जज दुष्यंत चौधरी तथा डबवाली में अतिरिक्त सिविल जज विनय शर्मा की अध्यक्षता में बैंचों का गठन किया गया है। उन्होंने बताया कि ई-लोक अदालत के दौरान गठित बैंचों द्वारा बीमा, बैंक, पारिवारिक मामलों, सिविल व आपराधिक मामलों सहित अन्य विभिन्न श्रेणियों के मामलों की सुनवाई की जाएगी तथा विवादित पक्षों की आपसी सहमति से समाधान करवाया जाएगा।

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