Naresh Beniwal 9896737050
फरवरी दिन मंगलवार को बसंत पंचमी का त्योहार मनाया जा रहा है. हिंदू पंचांग के अनुसार माघ महीने की शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को बसंत पंचमी (Basant Panchmi) का पर्व मनाया जाता है. ज्योतिष गणना के अनुसार आज बसंत पंचमी का दिन बेहद शुभ है क्योंकि आज सर्वार्थ सिद्धि योग, अमृत सिद्धि योग और रवियोग तीनों एक साथ हैं और मंगलकारी दिन मंगलवार भी है। इसके अलावा मकर राशि में 4 ग्रह- गुरु, शनि, शुक्र और बुध एक साथ होंगे जिससे चतुष्ग्रही योग बन रहा है और मंगल अपनी स्वराशि मेष में विराजमान रहेंगे और यह सब मीन राशि व रेवती नक्षत्र के अधीन होगा।बसंत पंचमी के दिन से ही ऋतुराज बसंत की शुरुआत मानी जाती है. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार आज के दिन विद्या की देवी मां सरस्वती का जन्म हुआ था इसलिए बसंत पंचमी के दिन मां सरस्वती की पूरे विधि-विधान के साथ पूजा की जाती है. बसंत पंचमी को श्री पंचमी भी कहा जाता है.
श्रीं ह्रीं सरस्वत्यै स्वाहा' देवी सरस्वती के इस मंत्र का जाप करने से असीम पुण्य मिलता है। इसके अलावा 'एमम्बितमें नदीतमे देवीतमे सरस्वति। अप्रशस्ता इवस्मसि प्रशस्तिमम्ब नस्कृधि।' यानी मातृगणों में श्रेष्ठ, नदियों में श्रेष्ठ, देवियों में श्रेष्ठ हे मां सरस्वती हमें ज्ञान, धन व संपति प्रदान करें। इस मंत्र का जाप करने से भी ज्ञानरूपी धन की प्राप्ति होती है, अज्ञानता समाप्त होती है और देवी सरसवती की कृपा से साधक की तमाम मनोकामनाएं पूरी होती हैं.
बसंत पंचमी के दिन पेन, कॉपी, किताब की भी पूजा की जाती है। ऐसा करने से देवी सरस्वती खुश होती हैं और भक्तों को वरदान प्रदान करती हैं। आप चाहें तो बसंत पंचमी के दिन मां सरस्वती की प्रतिमा या फोटो के आगे अपनी पुस्तकों को भी रख सकते हैं और साथ ही किसी जरूरतमंद को पेन, कॉपी, किताब आदि का दान भी कर सकते हैं.- प्रात:काल स्नान आदि करके पीले वस्त्र धारण करें.
- मां सरस्वती की प्रतिमा को सामने रखें और फिर कलश स्थापित कर भगवान गणेश व नवग्रह की विधिवत पूजा करें.
- फिर मां सरस्वती की पूजा करें. मां की पूजा करते समय सबसे पहले उन्हें आचमन व स्नान कराएं.
- फिर माता का श्रंगार कराएं माता श्वेत वस्त्र धारण करती हैं इसलिए उन्हें श्वेत वस्त्र पहनाएं.
- प्रसाद के रुप में खीर अथवा दुध से बनी मिठाईयां भोग लगा सकते हैं.
- श्वेत फूल माता को अर्पण किये जा सकते हैं.
- विद्यार्थी मां सरस्वती की पूजा कर गरीब बच्चों में कलम व पुस्तकों का दान करें.
- संगीत से जुड़े व्यक्ति अपने साज पर तिलक लगा कर मां की आराधना कर सकते हैं व मां को बांसुरी भेंट कर सकते हैं.
- बसंत पंचमी के दिन माता पिता अपने बच्चों की शिक्षा-दीक्षा की शुरुआत कर सकते हैं
- ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इस दिन बच्चे की जिह्वा पर शहद से ए बनाना चाहिए इससे बच्चा बुद्धिमान होता है और शिक्षा जल्दी ग्रहण करने लगता है
- बच्चों को उच्चारण सिखाने के लिहाज से भी यह दिन बहुत शुभ माना जाता है
- 6 महीने के बच्चे का अन्नप्राशन करने यानी उसे अन्न का पहला दाना भी इसी दिन खिलाया जा सकता है
- चूंकि बसंत पंचमी के दिन कामदेव की भी पूजा होती है इसलिए बसंत पंचमी को परिणय सूत्र में बंधने के लिए सौभाग्यशाली माना जाता है
- बसंत पंचमी के दिन पीले वस्त्र धारण करना भी शुभ माना जाता है- सगाई या विवाह कर सकते हैं
- नया कारोबार शुरू कर सकते हैं
- गृह प्रवेश कर सकते हैं, मकान की नींव डाल सकते हैं
- नया वाहन, बर्तन, सोना, घर, नए वस्त्र, आभूषण, वाद्य यंत्र, म्यूजिक सिस्टम आदि खरीदने के लिए शुभ दिन है बसंत पंचमी
- किसी नए कोर्स में ऐडमिशन लेने के लिए, विदेश जाने के लिए आवेदन देने के लिए या संबंधित परीक्षा देने के लिए शुभ दिन
- लॉन्ग टर्म निवेश, बीमा पॉलिसी, बैंक खाता आदि खोल सकते हैं
- कोई नया काम शुरू कर सकते हैं, शिक्षा या संगीत से संबंधित कार्य कर सकते हैं

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