] चोपटा क्षेत्र में तीसरे दिन टिड्डी दल की सक्रियता हुई कम, किसानों व कृषि विभाग को मिली राहत, किसानों ने मांगा टिड्डी दल से नुकसान का मुआवजा | Chopta Plus

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चोपटा क्षेत्र में तीसरे दिन टिड्डी दल की सक्रियता हुई कम, किसानों व कृषि विभाग को मिली राहत, किसानों ने मांगा टिड्डी दल से नुकसान का मुआवजा | Chopta Plus


चोपटा।  राजस्थान की सीमा से सटे नाथूसरी चोपटा खंड के गांवों के खेतों में वीरवार को टीडी दल की सक्रियता काफी कम दिखी । जिससे किसानों व कृषि विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों को कुछ राहत मिली। कृषि विभाग का कहना है कि अभी खतरा टला नहीं है, किसानों को सचेत रहने की आवश्यकता है। क्षेत्र के कुम्हारिया, कागदाना, जोगीवाला, चाहरवाला, रामपुरा बगड़िया, जसानियां, खेड़ी, गुसाईं आना, रामपुरा ढिल्लों, हंजीरा, जोड़कियां, कुत्तियाना, जमाल, सहित कई गांवों में 2 दिन लगातार टिड्डी दल ने उत्पात मचाया। किसानों ने बताया कि वीरवार को कुम्हारिया व कागदाना गांवों में सुबह-सुबह तो टिडियां उड़ती देखी लेकिन उसके बाद टिड्डी दल कि सक्रियता काफी कम हो गई जिससे किसानों ने एक बार राहत की सांस ली। उधर इन गांव में राजनीतिक नेता भी सक्रिय हो गए भाजपा नेता पवन बैनीवाल ने ठीक है तो में जा कर किसानों से टिड्डी दल से हुए नुकसान की जानकारी ली । इसके बाद इनेलो नेता व ऐलनाबाद के विधायक अभय सिंह चौटाला ने भी गांव-गांव में जाकर खेतों में किसानों से मिले और नुकसान की जानकारी ली। किसान राजेंद्र कुमार, महेंद्र सिंह, सुभाष चंद्र, जगदीश, रामकुमार, राजेश कुमार, सुरेश कुमार ने बताया कि 2 दिन में टिडियों के हमले से गवार, बाजरे, कपास, नरमा, मूंग, मूंगफली की फसल को नुकसान हुआ है उन्होंने बताया कि टिड्डी दल की सूचना मिलते ही घरों से बच्चे, बूढ़े, महिलाएं, जवान सभी खेतों की तरफ दौड़ पड़ते हैं चारों तरफ थाली, तालियां ढोल, पिपे अभी बजाकर दिन-रात टिड्डी दल को भगाने में लगे रहे। इनका कहना है कि कृषि विभाग द्वारा ग्राम पंचायत को टीडी मारने की दवाई दी जाए तो वे अपने खेतों में जहां भी टिडिया रात को बैठती हैं उन को मारने के लिए दवाई का छिड़काव कर सकते हैं उनका कहना है कि सरकार को स्पेशल गिरदावरी करवाकर उनके नुकसान की भरपाई करनी चाहिए। उधरकृषि विभाग के एसडीओ सतवीर सिंह,, एडीए कृष्ण कुमार, खंड कृषि अधिकारी डॉ श्रवण कुमार, कृषि विकास अधिकारी बहादर सिंह, नत्थू राम सहित कई टीमें टीडी दल को नियंत्रण करने में लगी रही। व किसानों को कहा कि अभी खतरा टला नहीं है, सचेत रहें अपने खेतों में थाली, ढोल, पीपे आदी तैयार रखें टिड्डी दल आते ही उन्हें बैठने ना दें।

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