] स्वयं को पहचानना ही सफलता की पहली सीढ़ी : हेमराज सपरा

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स्वयं को पहचानना ही सफलता की पहली सीढ़ी : हेमराज सपरा

 


स्वयं को पहचानना ही सफलता की पहली सीढ़ी : हेमराज सपरा

सहयोग शिक्षक प्रशिक्षण शिविर में योग, अनुशासन और राष्ट्र निर्माण का संदेश



सिरसा।

  भारत स्वाभिमान ट्रस्ट एवं पतंजलि योग समिति जिला सिरसा के तत्वावधान में चल रहे सहयोग शिक्षक प्रशिक्षण शिविर में विशेष सत्र का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे हेमराज सपरा तथा उनकी धर्मपत्नी सरोज सपरा ने भारत माता के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर योग शिविर का शुभारंभ करवाया।

मुख्य योग शिक्षक हेमराज सपरा ने उपस्थित योग साधकों को संबोधित करते हुए कहा कि व्यक्ति को अपने जीवन में एक युद्ध स्वयं के विरुद्ध भी लड़ना पड़ता है। यदि हमें अपने आप को स्वस्थ, ऊर्जावान और सफल बनाना है तो सबसे पहले स्वयं को पहचानना होगा।

 उन्होंने कहा कि अपनी भीतर की शक्ति को जगाइए, सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाइए और अपने जीवन को अनुशासित बनाइए। जितनी ऊर्जा समाज और राष्ट्रहित में खर्च की जाएगी, ईश्वर उससे कहीं अधिक शक्ति प्रदान करेगा।

इस अवसर पर चंद्रपाल योगी ने योग के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि योग केवल व्यायाम नहीं, बल्कि मनुष्य और प्रकृति के साथ एकत्व का भाव पैदा करता है।

 योग व्यक्ति के नित्यकर्म में बदलाव लाकर मौसम के विपरीत प्रभावों को सहने की शक्ति प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि नियमित योग, प्राणायाम और ध्यान से शरीर स्वस्थ, मन शांत और विचार सकारात्मक बनते हैं। योग तनाव, मोटापा, मधुमेह, उच्च रक्तचाप, कब्ज और मानसिक चिंता जैसी अनेक समस्याओं में लाभकारी है।

शिविर में सरोज सपरा ने भी योग साधकों को नियमित योग करने, सात्विक भोजन अपनाने तथा संयमित जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया। सभी योग साधकों ने पूरे उत्साह के साथ योगाभ्यास किया तथा सत्र का भरपूर लाभ उठाया।

कार्यक्रम में हरदयाल बैरी, जय प्रकाश, विरेन्द्र नागपाल, खैरात लाल, विवेक Kumar, रमेश सेठी, संजीव केजरीवाल, विजय कुमार, पदम और जगदीश सहित अनेक योग साधकों ने भाग लिया। अंत में सिंहासन, हास्यासन एवं भारत माता के जयकारों के साथ

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