देश के विकास,
एकता व अखंडता के पक्षधर थे स्व. राजीव गांधी:
संतोष बैनीवाल
सिरसा। भारत के पूर्व प्रधानमंत्री स्व. राजीव गांधी की शहादत की 35वीं पुण्यतिथि के अवसर पर कांग्रेस जिलाध्यक्ष संतोष बैनीवाल की अध्यक्षता में गांव दड़बा कलां में कार्यक्रम आयोजित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि भेंट की गई।
इस मौके पर कार्यक्रम में उपस्थित सभी महानुभावों ने स्व. राजीव गांधी को पुष्पांजलि अर्पित की। संतोष बैनीवाल ने कहा कि कुछ लोग जमीन पर राज करते हैं और कुछ लोग दिलों पर। मरहूम राजीव गांधी एक ऐसी शख़्सियत थे, जिन्होंने जमीन पर ही नहीं, बल्कि दिलों पर भी हुकूमत की। वे भले ही आज इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन हमारे दिलों में आज भी जिंदा हैं।
राजीव गांधी ने उन्नीसवीं सदी में इक्कीसवीं सदी के भारत का सपना देखा था। बैनीवाल ने कहा कि स्वभाव से गंभीर, लेकिन आधुनिक सोच और निर्णय लेने की अद्भुत क्षमता वाले स्व. राजीव गांधी देश को दुनिया की उच्च तकनीकों से पूर्ण करना चाहते थे। वे बार-बार कहते थे कि भारत की एकता और अखंडता को बनाए रखने के साथ ही उनका अन्य बड़ा मकसद इक्कीसवीं सदी के भारत का निर्माण है। अपने इसी सपने को साकार करने के लिए उन्होंने देश में कई क्षेत्रों में नई पहल की, जिनमें संचार क्रांति और कम्प्यूटर क्रांति, शिक्षा का प्रसार, 18 साल के युवाओं को मताधिकार, पंचायती राज आदि शामिल हैं।
वे सदा ही देश के विकास,
एकता व अखंडता के पक्षधर रहे। वे आतंकवाद,
अलगाववाद और बदले की राजनीति के घोर विरोधी थे
और इसी वजह से उन्होंने अपनी जान इस देश के लिए न्यौछावर कर दी। पंचायती राज,
परमाणु उर्जा, पर्यावरण, समाजिक मेलजोल,
विज्ञान एवं टेक्नोलॉजी, सूचनाक्रांति व राष्ट्रीय निर्माण में उनके योगदान को
भुलाया नहीं जा सकता। इस मौके पर काफी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।

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