] गांव मोचीवाली का प्रगतिशील किसान पुष्कर अमरूद का बाग व सब्जियां लगाकर कमा रहा 10 लाख रुपए सालाना

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गांव मोचीवाली का प्रगतिशील किसान पुष्कर अमरूद का बाग व सब्जियां लगाकर कमा रहा 10 लाख रुपए सालाना




गांव मोचीवाली का प्रगतिशील किसान पुष्कर अमरूद का बाग व सब्जियां लगाकर कमा रहा 10 लाख रुपए सालाना
6 एकड़ में अमरूद का बाग और तीन एकड़ में लगाता है हर साल मौसमी सब्जियां
नरेश बैनीवाल
नाथूसरी चोपटा।  लगातार भूमिगत जल के दोहन के कारण खेतों में जलस्तर गिरता जा रहा है । धान की फसल में पानी की ज्यादा आवश्यकता होती है। इसी को देखते हुए गांव मोचीवाली के किसान पुष्कर महिया व उनकी पत्नी रानी ने पानी की बचत करने वाली खेती करने का मन बनाया। पुष्कर ने करीब 6 वर्ष पहले अढाई एकड़ जमीन में अमरूद का बाग लगा कर व मौसमी सब्जियां लगाकर कमाई का जरिया खोजा और उससे हर साल 10 लाख रुपए की कमाई होने लगी।  कुछ अलग करने के जज्बे के कारण पुष्कर को क्षेत्र में एक अलग पहचान दिलाई व अन्य किसानों का भी प्रेरणा स्रोत बन गया। किसान पुष्कर की पत्नी रानी को इसी वर्ष मांगेआना में आयोजित तृतीय फल एक्सपो 2020 में  फल सब्जी उत्पादन में दूसरे स्थान पर रहने के कारण सम्मानित किया गया। 
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स्नातक की पढ़ाई करने के बाद 6 साल पहले लगाया अमरूद का बाग
गांव मोचीवाली के प्रगतिशील किसान पुष्कर महिया ने बताया कि उसने बीए की पढ़ाई करने के बाद खेती में करने में जुट गया। तभी धान की फसल में ज्यादा पानी लगने के कारण व सरकार द्वारा बार-बार पानी की कमी की चेतावनी के कारण उन्होंने सोचा कि ऐसी फसलें बोई जाए जिससे पानी की बचत हो सके और पानी व्यर्थ भी ना जाए। तभी किसान पुष्कर महिया ने नई तकनीक के बारे में इधर-उधर से जानकारी जुटाने शुरू की । भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान करनाल में आयोजित मेले में जाकर वहां से बाग लगाने की तकनीक प्राप्त की। किसान पुष्कर महिया ने बताया कि करनाल से आने के बाद अपनी पत्नी रानी के साथ मिलकर करीब 6 वर्ष पहले अढाई एकड़ में अमरूद का बाग लगाया और इसी के साथ मौसमी सब्जियां घीया, पेठा भिंडी, मटर, प्याज, लहसुन आदि मौसम के अनुसार  लगानी शुरू कर दी। जिससे उन्हें अतिरिक्त आमदनी होने लगी। इसके बाद करीब एक वर्ष पहले तीन एकड़ में अमरूद का बाग और लगा दिया। उन्होंने बताया कि सरकार व कृषि विभाग की तरफ से खेत में पानी की डिग्गी और ड्रिप सिस्टम अनुदान पर मिल गया । जिससे डिग्गी में पानी एकत्रित करके ड्रिप सिस्टम से पौधों में सीधा पानी दिया जाता है और पानी की बचत होने लगी। अब परंपरागत खेती के साथ-साथ अमरूद के बाग व सब्जियों से उसे करीब साल में दस लाख रूपए की अतिरिक्त आमदनी हो रही है । उन्होंने बताया कि साल 2020 में मांगियाना में लगे कृषि मेले तृतीय फल एक्सपो में उसकी पत्नी की मेहनत के कारण उसके बाग को दूसरा स्थान प्राप्त हुआ । उसकी पत्नी रानी को सम्मानित किया गया। और उसके बाग व सब्जियों की सराहना की गई। उन्होंने बताया कि परंपरागत खेती के साथ-साथ बाग व सब्जियां लगाने के कारण क्षेत्र के अन्य किसानों ने भी उसके देखा देखी अमरूद व किन्नू के बाग लगाए और सब्जियां लगानी शुरू कर दी। उन्होंने बताया कि इसके साथ ही सिरसा कल्पना फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी नामक ग्रुप भी बना रखा है जिससे अन्य किसानों को जोड़कर उन्हें फायदा मिल सकता है।
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फ्रूट व सब्जी संरक्षण केंद्र नजदीक होने से हो सकती है ज्यादा बचत
किसान पुष्कर महिया का कहना है कि उनके गांव से सब्जी मंडी दूर होने के कारण उन्हें बेचने में कई दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। सब्जी व फ्रूट संरक्षण केंद्र डिंग मंडी या आसपास बन जाए तो यातायात का खर्च कम हो जाएगा। जिससे बचत ज्यादा होने लगेगी । उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा दी जा रही योजनाओं की सुविधाएं तत्काल मिलने लग जाए तो इस खेती से काफी बचत हो सकती है।

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