गुरुग्राम। विधायक के काफिले में शामिल पायलट गाड़ी को टक्कर मारने और उसके बाद हुए विवाद के मामले में पुलिस विभाग ने कड़ा रुख अपनाया है। इस घटना में एक एएसआई समेत चार पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया है। टक्कर में पायलट गाड़ी का चालक घायल हो गया, जबकि विरोध करने पर उसके साथ झगड़ा करने का भी आरोप है।
जानकारी के अनुसार नए साल के मद्देनजर आईनॉक्स मॉल के पास चौराहे पर पुलिस द्वारा नाका लगाया गया था। नाके पर एएसआई रमेश इंचार्ज के रूप में तैनात थे। उनके साथ मुख्य सिपाही संजय, पूनम, सिपाही सोमबीर, सुधीर, एसपीओ अजयपाल और होमगार्ड रघुबीर मौजूद थे। नाके पर वाहनों की सघन जांच की जा रही थी।
इसी दौरान एएसआई बलजीत सिंह अपनी निजी कार में नाके पर पहुंचे। उन्होंने एसपीओ अजयपाल को बुलाया और मॉल की ओर चले गए। करीब आधे घंटे बाद वापस लौटने पर एएसआई बलजीत ने नाके पर तैनात सिपाही संजय कुमार और हंसराज को अपनी गाड़ी में बैठा लिया। बताया गया कि उन्होंने यह कहकर उन्हें साथ लिया कि खाना खाकर लौट रहे हैं।
आरोप है कि इसके बाद एएसआई बलजीत ने तेज रफ्तार से गाड़ी चलानी शुरू कर दी। सेक्टर 4/7 चौक से यू-टर्न लेते हुए वे अचानक न्यू कॉलोनी मोड़ की ओर मुड़ गए। इसी दौरान रेलवे स्टेशन की तरफ से आ रही विधायक मुकेश शर्मा के काफिले में शामिल पायलट गाड़ी स्कॉर्पियो से उनकी कार की जोरदार टक्कर हो गई।
हादसे के बाद दोनों गाड़ियों से लोग बाहर निकले और दोनों पक्षों में कहासुनी शुरू हो गई। नाका प्रभारी एएसआई रमेश के अनुसार वे भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि एएसआई बलजीत की कार की नंबर प्लेट गायब थी और वे नशे की हालत में प्रतीत हो रहे थे। समझाने के बावजूद वे झगड़ा करते रहे।
घटना की सूचना विधायक मुकेश शर्मा की ओर से वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को दी गई। इसके बाद एक जनवरी 2026 को एएसआई रमेश की शिकायत पर आरोपी एएसआई बलजीत के खिलाफ नशे में लापरवाही से वाहन चलाने और दुर्घटना करने के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई।
पुलिस प्रवक्ता संदीप कुमार ने गुरुवार को बताया कि इस पूरे घटनाक्रम में एक एएसआई और उनके साथ चार अन्य पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया है।
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